नरमा में हरा कीट : फसल को नुकसान व नियंत्रण

आज की इस पोस्ट नरमा की फसल में हरा कीट की जानकारी हम पाएंगे यहां।

हरा कीट जिसे हरा तैला के नाम से जाना जाता है।

नरमा की फसल में हरा कीट – विवरण , कार्य , नुकसान और नियंत्रण व उपयोगी कीटनाशक(मूल्य एवं मात्रा)

कीट का विवरण :- हरा तेला नामक कीट का नाम कैसे पड़ा.??? जैसे हमें नाम से ही पता चलता है कि ये हरे रंग का होता है
और इसे हाथ से मसलने पर तेल जैसा चिपका सा पदार्थ निकलता है जिसकी वजह से इसे हरा तेला कहा जाने लगा ।

कीट का कार्य और फसल को नुकसान:- यह कीट नरमा में पत्ते की निचली सतह पर पाया जाता है और

यह उस पत्ते का रस चूसने का काम करता है , जैसे जैसे यह कीट पत्ते को चूसता जाता है

वह पत्ता अपना रंग बदलने लगता है , पत्ते का रंग हरे से सूखे पत्ते जैसा हो जाता है

जिसके कारण वह पत्ता फिर पौधे को खाना बनाने में सहायक नहीं बन पाता

क्योंकि उस पत्ते की प्रकाश को प्राप्त करने की योग्यता खत्म ही जाती है ,

जिसकी वजह से फसल को भोजन कम मिलने लगता है और

इसी प्रकार इस कीट का अधिक प्रकोप फसल के लिए उसकी वयस्क अवस्था में नुकसान देय होता है।

Narma Fasal me Hara Keet : नियंत्रण व् कीटनाशक का इस्तेमाल 

इस कीट को नियंत्रित करने के लिए बाज़ार में अनेक प्रकार के कीटनाशक उपलब्ध है जैसे कि
  • थायोमेथोक्सम (thiomethoxam) जिसे अपनी सरल भाषा में एकटारा के नाम से जानते हैं जो कि तरल व भुजिया की अवस्था में मिलता है ,
  • 70%WG इमीडाक्लोप्रीड (कॉनफीडोर) ,
  • मोनोक्रोटोफोस 36%SL ,
  • एसीफेट आदि ।
कीटनाशक का इस्तेमाल

         1.थायोमेथोक्साम :- भुजिया अवस्था में इसे 100ग्राम प्रति बीघा में इस्तेमाल करें व तरल अवस्था में 80ग्राम प्रति बीघा ।

थायोमेथोक्सम को हरा तेला नियंत्रण में राम-बाण माना जाता है ।

भुजिया अवस्था में ये लगभग ₹1200/-kg में मिलता है और इसका खर्चा लगभग ₹120/-प्रति बीघा पड़ता है /

MAESTRO (thiomethoxam) का इस्तेमाल नरमा में हरा कीट की रोकथाम
MAESTRO (thiomethoxam)
 और तरल अवस्था में लगभग ₹1600/-लीटर मिलता है जिसका खर्च लगभग 150/-प्रति बीघा पड़ता है ।

 

 

      2. इमीडाक्लोप्रीड :- 70%WG अवस्था वाला कंफिडोर भी काफ़ी अच्छा कीटनाशक माना जाता है इसे 30ग्राम प्रति बीघा के हिसाब से इस्तेमाल करें । इसका मूल्य ₹570/-150ग्राम है । प्रति बीघा के हिसाब से देखा जाए तो इसका खर्च लगभग ₹115/- पड़ता है ।

      3.मोनोक्रोटोफोस :– मोनो भी काफी हद तक तेला नियंत्रण में सहायक होती है । ये लगभग ₹415/-प्रति लीटर मिलती है और इसका प्रयोग 300ग्राम/-प्रति बीघा के हिसाब से होता है ।

 

      4. एसीफेट :- एसीफेट पाउडर फॉर्म में मिलता है इसका प्रयोग 200ग्राम/-प्रति बीघा में होता है..हालांकि एसीफेट का प्रयोग करने के लिए कृषि विभाग ने मना किया हुआ है तो इसका प्रयोग न करें , यह लगभग ₹580/-प्रति किलो मिलता है ।

विशेष बिंदु :- कीटनाशक को इस्तेमाल करने से पहले उसका किसी बाल्टी में अलग घोल बनाये और उसे अच्छे से घोल लें , फिर इस्तेमाल करें ।
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